स्पंज आयरन की कटिंग कंपनी के कुछ लोगों की सांठ-गांठ से बडा़जामदा, टंकीसाई, भठ्ठीसाई एवं नाल्दा क्षेत्र के संगठित अयस्क माफिया करते हैं.
चाईबासा। ओडिशा के बड़बिल क्षेत्र स्थित एक स्पंज आयरन प्लांट से बड़ाजामदा रेलवे साइडिंग लाई जा रही स्पंज आयरन की कटिंग रास्ते में कर अयस्क माफिया उसकी तस्करी कर लाखों रूपये की अवैध कमाई कर रहे हैं. चर्चा है की उक्त कंपनी अपना स्पंज आयरन को बडा़जामदा रेलवे साईडिंग से रैक में लोडकर विभिन्न स्टील प्लांटों को भेजती है. उक्त कंपनी का जब रैक बडा़जामदा रेलवे साईडिंग में प्लेसमेंट होता है तब कंपनी के प्लांट में प्लास्टिक की बोरियों में भरकर रखा स्पंज को डम्फर ट्रकों में लादकर बडा़जामदा रेलवे साईडिंग सिफ्ट किया जाता है. स्पंज की इसी सिफ्टिंग के दौरान रास्ते में अयस्क माफिया इन वाहनों में लदे स्पंज की कटिंग कर दूसरे वाहनों में लोड कर सुरक्षित क्षेत्र में रखते हैं. जहाँ से ट्रकों में लोड कर अन्यत्र भेजा जाता है.
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार स्पंज आयरन की कटिंग कंपनी के कुछ लोगों की सांठ-गांठ से बडा़जामदा, टंकीसाई, भठ्ठीसाई एवं नाल्दा क्षेत्र के संगठित अयस्क माफिया करते हैं. स्पंज की कटिंग नाल्दा के ईमली घाट क्षेत्र मे, बडा़जामदा के भठ्ठीसाई व रेलवे साईडिंग क्षेत्र में वाहन टू वाहन कर लिया जाता है. या फिर स्पंज लदे डम्फर रेलवे साइडिंग नहीं पहुंच कर माफियाओं के अड्डे पर चली जाती है और रेलावे साईडिंग में उक्त वाहन द्वारा स्पंज गिराने संबंधित फर्जी तरीके से गलत इन्ट्री करा दी जाती है. सूत्रों अनुसार कटिंग किया गया स्पंज आयरन को टंकुरा क्षेत्र के एक घर एवं जंगल क्षेत्र में सुरक्षित रखा जाता है. वहीं से भारी वाहनों में लोड कर फर्जी कागजातों के माध्यम से चाईबासा होते अन्यत्र भेजा जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि जिस दिन रैक लगता है उस दिन लगभग 100 टन के करीब स्पंज आयरन की कटिंग माफिया कर लेते हैं. वर्तमान में स्पंज आयरन की कीमत काफी अधिक है.
