ई गवर्नेंस प्रोवैधिकी विभाग के द्वारा जारी ऑन लाईन पद्धति को नजर अंदाज कर जिला प्रशासन के एजेंसी NREP और ITDA के द्वारा ऑफ लाईन निविदा निकाली जा रही है.
चाईबासा : सरकार के सचिव के आदेश को किस कदर नजर अंदाज कर अपनी मनमानी करते है जिला प्रशाषन यह देखना हो तो पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के एजेंसी NREP और ITDA के द्वारा ऑफ लाईन निकाली जा रहे निविदा को देख सकते है।वैसे तो एनआरईपी व आईटीडीए विभाग आते हैं और डीसी के अधीन NREP और कल्याण विभाग से ऑफ लाईन टेंडर प्रक्रिया आमन्त्रित की जा रही है।जबकी ई गवर्नेंस प्रोवैधिकी विभाग के द्वारा जारी ऑन लाईन पद्धति को नज़र अंदाज़ कर जिला प्रशासन के एजेंसी NREP और ITDA द्वारा ऑफ लाईन निविदा निकाली जा रही है।
ये है निविदा निकाले जाने को लेकर श्खत आदेश
जबकी झारखण्ड सरकार सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग झारखण्ड मंत्रालय, धुर्वा, राँची-4
आदेश
विषयः e-Procurement Portal (Jharkhandtenders.gov.in) में Tender Fee एवं Earnest Money Deposit (EMD) के ऑनलाईन भुगतान के संबंध में।
झारखण्ड राज्य के गठन के पश्चात् राज्य सरकार के विभिन्न कार्य विभागों द्वारा विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु निविदाओं का निष्पादन PWD Code के प्रावधानों के अनुरूप offline पद्धति के द्वारा कराया जा रहा था। इन निविदाओं के निष्पादन में कतिपय अनियमितताओं तथा अस्वस्थ क्रिया-कलापों यथा सक्षम / इच्छुक निविदाकारों को परिमाण पत्र बिक्री नही करना, निविदाकारों के साथ पक्षपात व्यवहार अपनाना, निविदाकार को निविदा डालने से बलपूर्वक रोका जाना तथा निविदा निष्पादन में पारदर्शिता का अभाव होने की शिकायतें समय-समय पर प्राप्त होती रही है।
2. इन समस्याओं के समाधान हेतु सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग के संकल्प संख्या- 1244 दिनांक 30.12.2009 द्वारा निविदा के आमंत्रण तथा निष्पादन हेतु e-Procurement. नामक Online Portal की शुरूआत की गई और इसी portal के माध्यम से निविदाओं का निष्पादन किया जा रहा है। इस परियोजना हेतु भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) द्वारा GePNIC सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इसका क्रियान्वयन NIC, Jharkhand द्वारा किया जा रहा है।
3. समीक्षा के क्रम में यह बात प्रकाश में आई है कि लगभग 14 वर्ष पूर्व मंत्रिपरिषद् द्वारा
स्वीकृत प्रस्ताव के अनुरूप निविदा आमंत्रण तथा निष्पादन की प्रक्रिया अभी भी पूर्ण रूपेण online नहीं हो पाई है। आज भी निविदाकार द्वारा Tender Fee तथा Earnest Money Deposit (EMD) से संबंधित Draft offline पद्धति के द्वारा जमा किये जाते हैं। अतः जिन उद्देश्यों हेतु Online Tender System की व्यवस्था लागू की गई थी, उनकी पूर्ति आज भी पूर्ण रूपेण नहीं हो पाई है। फलस्वरूप आज भी समय-समय पर निविदा निष्पादन में अनियमितता बरतने की शिकायतें प्राप्त होती रहती है। अतः यह जरूरी हो गया है कि वर्ष 2009 में मंत्रीपरिषद् द्वारा स्वीकृत Online Tender प्रणाली के जो अंश आज भी offline व्यवस्था से निष्पादित हो रहे हैं, उन्हें बिना किसी विलम्ब के online किया जाय।
4. अतः आवश्यकता इस बात की है कि Online Tender व्यवस्था में Tender Fee तथा EMD का भुगतान भी online पद्धति से सम्पन्न हो। समय-समय पर इस विषयक सम्पन्न बैठकों में इस कार्य को पूर्ण करने का निर्देश सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग को दिया गया जिसके
फलस्वरूप एक Payment Gateway विकसित किया गया है। State Bank of India से Payment Gateway Integration का कार्य भी पूर्ण हो गया है। इस क्रम में State Bank of India द्वारा Common Collection Pooling Account खोला गया है। इसके आलोक में jharkhandtenders.gov.in पर निविदादाता से Tender Fee तथा EMD ऑनलाईन प्राप्त करने तथा वापस करने की सम्पूर्ण कार्रवाई online पद्धति से सम्पन्न होगी।
5. इसका क्रियान्वयन मुख्यतः JAP-IT, Nodal Agency, NIC, Jharkhand Unit एवं Payment Gateway Integrator, SBI द्वारा किया जायेगा। राज्य के सभी सरकारी कार्य विभागों / संस्थानों / निदेशालयों के उपयोग हेतु यथावश्यक Standard Operating Procedure (SOP) संलग्न है।
6. संकल्प संख्या 1244 दिनांक 30.12. 2009 की कंडिका 5 (viii) में यह प्रावधान है कि e-Procurement परियोजना के विभिन्न प्रावधानों तथा पूर्व में निर्गत विभागीय प्रक्रियाओं / नियमावलियों में भिन्नता होने की स्थिति में e-Procurement के प्रावधान प्रभावकारी माने जायेगें। इसलिए इस व्यवस्था को लागू करने के लिए तत्काल वर्तमान में लागू किसी नियम / कोड / परिपत्र में संशोधन की आवश्यकता नहीं है।
7. यह व्यवस्था दिनांक 16.10.2023 से लागू होगी। इस तिथि के पश्चात् Tender Fee तथा EMD का भुगतान offline पद्धति से स्वीकार्य नहीं होगा।



