चाईबासा : कोल्हान भूमि बचाओ समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सावैयां ने कहा है कि गैर आदिवारी कारोबारी बनवारी लाल नेवटिया ने मतकमहातु निवासी आदिवासी क्रेता स्वर्गीय मोरन सिंह देवगम की पुश्तैनी जमीन खरीद लेने का दावा किया है। जबकि यह पूर्णत: गलत और गैर कानूनी है। क्योंकि छोटानागपुर टेनेंसी (सीएनटी) एक्ट स्पष्ट कहता है कि कोई भी गैर आदिवासी क्रेता किसी आदिवासी से उसकी भूमि खरीद नहीं सकता है। लेकिन इसके विपरीत नेवटिया का दावा है कि उन्होंने यह जमीन कानूनन खरीदी है।
उनका कहना है कि उन्होंने सीएनटी एक्ट की धारा-49 6 (a) के तहत यह जमीन खरीदी है। इसके लिये उन्होंने 1988 में अनुमति भी ली थी। जबकि यह दावा बिल्कुल झूठा और गैरकानूनी है। क्योंकि सीएनटी एक्ट में ऐसी कोई धारा ही नहीं है जिसका नेवटिया ने उल्लेख किया है। सीएनटी की धारा-49 में केवल पांच उपधाराएं ही हैं। इसके आगे कोई उपधारा ही नहीं है। ऐसे में नेवटिया का सीएनटी एक्ट की धारा-49 6 (a) के तहत जमीन खरीदने का दावा गलत और गैरकानूनी है।
नेवटिया का यह भी दावा है कि इस जमीन को उन्होंने 1988 में उपायुक्त की अनुमति लेकर क्रय किया था। लेकिन ये दावा भी सरासर झूठा है। एक आदिवासी ग्रामीण की जमीन हड़पने के लिये श्री नेवटिया ने संबंधित विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों तथा कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा कर जमीन हथिया ली है। लेकिन शिकायत के बावजूद जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
गौरतलब है कि चाईबासा के कारोबारी बनवारी लाल नेवटिया की टुंगरी में नेवटिया माइंस एंड एंडस्ट्रीज नाम का एक लाइम स्टोन क्रशर फैक्ट्री थी जो कुछ वर्ष पहले ही बंद हो गयी थी। श्री नेवटिया ने इसके लिये मतकमहातु के कई आदिवासी ग्रामीणों से उनकी पुश्तैनी जमीन लीज पर ली थी और लीज अवधि समाप्त होने पर वह जमीन वापस लौटानी थी। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। लीज समाप्ति के बाद भी जमीन नहीं लौटायी और अब उस जमीन को ही कानूनन खरीद लेने का दावा कर रहा है जो समझ से ही परे हैं।
इस संबंध में उपायुक्त, एलआरडीसी से भी लिखित शिकायत की गयी थी। लेकिन उन्होंने इस मामले को एसएआर कोर्ट का मामला बताते हुए अपने स्तर से कार्रवाई करने में स्वयं को अक्षम बताया है।
