चाईबासा : कुमारडूंगी प्रखंड के खंडखोरी पंचायत के पातरहातु गांव में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के माध्यम से बन रहे उपस्वास्थ्य केंद्र निर्माण में कार्यरत मजदूरों की शिकायत पर मंझारी प्रखंड के जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल ने मजदूरों से मुलाकात की और मजदूरों ने बताया की इस उपस्वास्थ्य केंद्र निर्माण में मजदूरी के नाम पर ठेकेदार इमरान के द्वारा मात्र 200 रूपया दैनिक मजदूरी की भुगतान की जा रही है।
माधव चंद्र कुंकल ने कार्य स्थल का निरीक्षण किया तो पाया की कार्यस्थल पर योजना से संबंधित न तो साईन बोर्ड लगा है न ही अच्छे गुणवता वाला फलाई ऐश ईंट का प्रयोग किया जा रहा है। कार्यस्थल पर 14 साल उम्र की दो बच्चियां भी काम कर रही थीं।मजदूरों को सरकार के द्वारा निर्धारित मजदूरी 346 रूपया न भुगतान कर मात्र 200रूपया भुगतान किया जा रहा था। माधव चंद्र कुंकल ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा की आपको अपने अधिकार के लिए जागरूक होना होगा और हक के लिए बोलना सीखना होगा।
आपका एक दिन का हाजरी 346रूपया है। आपके मेहनत का पैसा ठेकेदार के द्वारा एक दिन में 146 रूपया का कटौती कर रहा है जो खुला लूट है। ग्रामीणों को समझाते हुए माधव चंद्र कुंकल ने कहा की आपके गांव में किसी भी सरकारी योजना का शुरू होने से पूर्व कार्यस्थल पर जरूर से योजना से संबंधित साईन बोर्ड जरूर लगवाएं। मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी भुगतान नहीं होने की शिकायत माधव चंद्र कुंकल ने जिला के उपयुक्त अनन्य मित्तल और श्रम अधीक्षक को लिखित रूप से की और मांग रखी की उपस्वास्थ्य केंद्र के निर्माण में कार्यरत मजदूरों को बकाया मजदूरी के साथ न्यूनतम मजदूरी की भी भुगतान की जाए।
जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल ने पुलिस अधीक्षक से भी लिखित शिकायत की उपस्वास्थ्य केंद्र निर्माण संबेदक अरहान कंस्ट्रूशन के मालिक खडपोस निवासी इमरान ने आज दिनांक 06/10/23 को दिन के करीब 11.30 बजे मोबाईल संख्या 9937642121 से मेरे मोबाइल पर फोन कर धमकी दी और कहा की तुम सिर्फ मुसुलमानो को टारगेट कर रहे हो और तुम हर जगह काम में डिस्टर्ब कर रहे हो। तुम्हे देख लेंगे,अंजाम बहुत बुरा होगा।जान से मरवा देंगे।
इस मामले पर माधव चंद्र कुंकल ने जिला के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत कर गुहार लगाई की उन्हे एक बंदूक का लाइसेंस उपलब्ध कराया जाए ताकि अपनी जान की सुरक्षा खुद कर सके। आवेदन की प्रतिलिपि राज्य के मुख्य मंत्री, मुख्य सचिव और राज्य के डी०जी०पी को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया।

