सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : जिला के अधिकतर पशु चिकित्सालय, प्रखंड में पशु चिकित्सक की घोर कमी है और पशुधन की चिकित्सा प्रभु भरोसे चल रहा है।
गाय, बैल, बकरी जैसे पशुधन की चिकित्सा के लिए समय पर पशुपालकों को पशु चिकित्सक नहीं मिल पाता है। राजनगर, गम्हरिया, कुकड़ू, कुचाई जैसे विहड क्षेत्र में पशुधन की सुरक्षा के लिए किसान, पशुपालक अक्सर परेशान रहते हैं।
जिला पशुपालन पदाधिकारी। डॉ संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में धान रोपणी के कारण पशु टीकाकरण कार्य धीमी है। किसान, पशुपालक अधिक समय खेत के कार्य में लगे हैं। जिससे उससे संबंधित किसान, पशुपालकों के पशुओं का टीकाकरण समय पर नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरायकेला खरसावां जिला में 9 प्रखंड है। पशु चिकित्सालय 14 हैं। पशु चिकित्सकों की कमी है।

