कहा, मूल स्वरूप में होगी जिर्णोद्धार की कोशिश
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : झींकपानी प्रखंड के आसुरा गांव में स्थित ब्रिटिशकालीन मध्य विद्यालय आसुरा का सांसद गीता कोड़ा ने मंगलवार को दौरा किया। इस दौरान उन्होंने इस विद्यालय का ब्रिटिशकालीन भवनों का अवलोकन किया। इस दौरान उनके साथ कई कांग्रेसी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे। अवलोकन के बाद सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि यह स्कूल कई मायनों में ऐतिहासिक और ब्रिटिशकालीन है। इसका गौरवशाली इतिहास रहा है। ये इस इलाके का पहला स्कूल है जो अब भी चल रहा है। लेकिन इसका पुराना भवन अत्यंत जर्जर हो चुका है। इसकी पहचान और ख्याति खो ना जाए, इसके लिये इस पुराने स्कूल भवन को मूल स्वरूप में ही जिर्णोद्धार करवाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे उपायुक्त से पत्राचार कर चुके हैं। उम्मीद है, इस ऐतिहासिक स्कूल भवन का पुराने स्वरुप में जिर्णोद्धार हो सकेगा। ज्ञात हो कि यह स्कूल इस इलाके का पहला स्कूल था जिसकी स्थापना अंग्रेजी हुकूमत ने की थी। दूर-दूर से लोग यहां पढ़ने आते थे। ब्रिटिश हुकूमत के हुक्मरान थॉमस विल्किंसन ने यहीं पर बैठक कर मानकी तथा मुंडाओं को उनके इलाके का राजा घोषित किया था। उन्हें छोटे विवादों के निपटारे के अलावे टैक्स वसूली का अधिकार भी दिया गया था। आसुरा के इलाकाई मानकी को अंग्रेजी हुकूमत से काफी प्रशासनिक तथा न्यायिक अधिकार प्राप्त थे। लेकिन कालांतर में इसमें कटौती कर दी गयी।
इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष चन्द्रशेखर दास, सांसद प्रतिनिधि विश्वनाथ तामसोय, शंकर बिरुली, झींकपानी कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष सिकुर गोप, युवा प्रखंड उपमुखिया सुनील बुड़ीउली, हरीश बोदरा, रवि बुड़ीउली, किस्टो गोप, बहादुर मुदुईया, जनार्दन समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
