विशेष प्रमंडल चाईबासा के पीसीसी सड़क की योजना में टेंडर डालने को लेकर ठेकेदारों के बीच मारपीट और जमकर हुआ हंगामा

* सदर अनुमंडल कार्यालय स्थित जिला नियंत्रण कक्ष में मारपीट और हंगामा सुनकर अपने कार्यालय में बैठे एसडीओ  डंडा लेकर दौड़े, और ठेकेदारों को भगाया।

* सोनूवा, गोइलकेरा, गुदडी में पीसीसी सड़क की योजना डालने आए ठेकेदारों को ठेकेदारों और अपराधियों के समूह में टेंडर डालने से रोका, टेंडर पेपर फाड़कर फेंका।

* टेंडर लेने, देने, दिलाने, कब्जा करने के उद्देश्य से ठेकेदारों के बीच अब खूनी संघर्ष की आशंका , उपायुक्त कार्यालय में पूर्व भी हो चुकी है टेंडर डालने को लेकर हंगामा और मारपीट की घटना।


चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : विशेष प्रमंडल चाईबासा द्वारा सोनूवा, गोईलकेरा और गुदडी में पीसीसी सड़क के लिए निकाले गए निविदा में निविदा डालने को लेकर आज ठेकेदारों के दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई और जमकर हंगामा हुआ। सदर अनुमंडल कार्यालय स्थित टेंडर डालने के लिए बनाया गया जिला नियंत्रण कक्ष में आज ठेकेदारों के दो पक्षों में टेंडर डालने को लेकर मारपीट की घटना हुई और जमकर हंगामा हुआ। मारपीट और हंगामा हल्ला गुल्ला की आवाज सुनकर नजदीक ही अपने कार्यालय में बैठे एसडीओ सदर शशीद्र बड़ाइक खुद डंडा लेकर के दौडे और हंगामा और मारपीट कर रहे ठेकेदारों एवं उनके लोगों को खदेड़ा। 

अनुमंडल पदाधिकारी के साथ उनके बॉडीगार्ड ने भी ठेकेदारों को दौड़ाया और भगाया। 

बताया जाता है कि सोनुवा, गोईलकेडा, गुजडी आदि प्रखंडो में  डीएमएफटी फंड के लाखों की राशि से पीसीसी सड़क निर्माण को लेकर आज टेंडर डाला जा रहा था । लेकिन एक पक्ष द्वारा दूसरे ठेकेदारों को टेंडर डालने से रोका जा रहा था, इसी बीच पूर्व से ही टेंडर स्थल पर पहुंचे सुंदरलाल महतो ने टेंडर डालने आए दूसरे ठेकेदारों के 3 पीसीसी सड़क के टेंडर पेपर को फाड़ कर फेंक दिया। जिसके बाद विवाद बढ़ गया और दोनों ठेकेदारों समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई। धक्का मुक्की, लतम घुस्सम हुआ, पूरे परिसर में भगदड़ मच गई और हो हंगामा शुरू हो गया। एसडीओ सदर को खुद पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। 


जिले में टेंडर डालने को लेकर अब खूनी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई है और ठेकेदारों समूह के बीच योजनाओं पर कब्जा करने टेंडर डालने और टेंडर डालने से रोकने को लेकर आए दिन  मारपीट एव विवाद होता रहता है 

टेंडर डालने को लेकर और ठेकेदारों के बीच आपसी विवाद मारपीट की घटना ना हो ,इसको लेकर अनुमंडल कार्यालय परिसर में जिला नियंत्रण कक्ष बनाया गया है । जहां तकनीकी विभागों द्वारा जिले के विकास योजनाओं को लेकर निविदा डलवाई जाती है, इसके लिए को लेकर सुरक्षा के इंतजाम भी रहते हैं ,पुलिस बल की भी तैनाती रहती है, मगर ठेकेदारों के बीच आपकी प्रतिस्पर्धा के कारण और एक समूह द्वारा दूसरे ठेकेदारों को टेंडर डालने से रोकने को लेकर विवाद होता रहा है। 

ठेका टेंडर हथियाने के लिए ठेकेदारों और अपराधियों के समूह सक्रिय - दो पक्षों के बीच हंगामा

इससे पूर्व भी उपायुक्त कार्यालय समाहरणालय में टेंडर डाला जाता था वहां भी बीते दिनों टेंडर डालने और टेंडर डालने से रोकने को लेकर दो पक्षों के बीच काफी हंगामा हुआ था और मारपीट की नौबत उत्पन्न हो गई थी। इसके बाद सदर अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित जिला नियंत्रण कक्ष  बनाया गया। जहां से तकनीकी विभागों के द्वारा निकाली गई टेंडर को डालने की कार्रवाई होती है। कडी सुरक्षा में टेंडर डाला जाता है। लेकिन यहां भी ठेका टेंडर हथियाने के लिए ठेकेदारों और अपराधियों के समूह सक्रिय होते हैं और दूसरे ठेकेदारों को टेंडर डालने से रोका जाता है, आज भी मारपीट की घटना टेंडर डालने, योजना पर कब्जा करने और दूसरे ठेकेदार को टेंडर डालने से रोकने, टेंडर पेपर फाड़ कर फेंक देने को लेकर हुई। 


जिला में वैसे भी सेटिंग गेटिंग से टेंडर डाला जाता है, मगर कई योजनाओं को लेकर ठेकेदारों के बीच आपसी मतभेद हो जाता है और सेटिंग नहीं होने पर टेंडर कई ठेकेदारों द्वारा डाला जाता है, टेंडर पेपर खरीदने के समय ही ठेकेदारों को एक समूह और ठेकेदारों द्वारा रोका जाता है, मगर उसके बावजूद मैनेज नहीं होने पर टेंडर डालने से रोका जाता है आज भी टेंडर डालने से दूसरे ठेकेदारों को रोका गया और उनका टेंडर पेपर फाड़ कर फेंक दिया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और पूरे परिसर में अफरा तफरी मच गई। एसडीओ सदर को खुद मोर्चा संभालना पड़ा और मारपीट और हंगामा कर रहे ठेकेदारों को खदेड़ा गया फिर ठेकेदारों द्वारा उपायुक्त, एसपी और एसडीओ को शिकायत की गई है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

सुरक्षा की पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाने से दबंग ठिकेदार और असामाजिक तत्वों के द्वारा घटना घटी है।
 
बड़े ठिकेदारों और भाड़े पर लाए गए गुंडों के बल पर दूसरे संवेदकों को टेंडर डालने से रोका जाता है।
आश्चर्य की बात यह है कि पुराने डीसी कार्यालय आज अनुमंडल पदाधिकारी,सदर का कार्यालय है,जहां यह घटना घटी है।
लघु सिंचाई विभाग के राज्य स्तरीय छः योजना का निविदा आमंत्रित किया गया था,जो रांची पुलिस कंट्रोल,अधीक्षण अभियंता का कार्यालय और अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में निविदा डालने का स्थान था।
आज की घटना से ऐसा लगता है कि आने वाले समय में कोई बड़ी अप्रिय घटना होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
संवेदकों से अधिक बाहरी लोगों का जमौड़ा देखा गया, जिसे पुलिस कंट्रोल नही किया।

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