फुलकानी गांव में कचड़ा प्रबंधन योजना के लिए जमीन चयनित करने की प्रक्रिया पर जताई आपत्ति
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : झारखंड पुनरुत्थान अभियान की एक आवश्यक बैठक मुख्य संयोजक सन्नी सिंकु की अध्यक्षता में चाईबासा स्थित सरजोमगुटू में सोमवार को हुई. बैठक में मुख्य रूप से फुलकानी गांव के ग्रामीणों को चक्रधरपुर अंचल कार्यालय द्वारा पत्र निर्गत कर सूचित करने के तरीके पर आपत्ति जताई गई. बता दें कि फुलकानी गांव में एक एकड़ भूमि को कचड़ा प्रबंधन योजना के लिए चयनित किया गया है।
बैठक में पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकू ने कहा कि राज्य में सीएनटी एक्ट/एसपीटी एक्ट लागू है, और पश्चिमी सिंहभूम जिला अनुसूचित जिला है. साथ ही जिला में पारंपरिक मानकी मुंडा स्वशासन प्रणाली प्रवृत्त है. भले राज्य में पेसा कानून को राज्य सरकार ने लागू नहीं किया हो. लेकिन पेसा के तहत प्रदान की गई आरक्षण नीति के तहत राज्य चुनाव आयोग ने अनुसूचित जिला में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सम्पन्न कराया है. इसके बावजूद अंचल कार्यालय द्वारा कचड़ा प्रबंधन योजना से संबंधित पत्र ग्रामसभा के नाम से निर्गत नहीं किया जाना सवाल खड़ा करता है।
गलत तरीके से ली जा रही आदिवासियों की जमीन
झारखंड पुनरुत्थान अभियान के संयोजक अमृत माझी ने कहा कि झारखंड सरकार आदिवासियों के हित की रक्षा करने का रोना तो रोती है. लेकिन व्यवहारिकता में उल्टा है, तब तो कोल्हान प्रमंडल में आदिवासियों की जमीन गलत तरीके से अधिग्रहण की जा रही है. झारखंड पुनरुत्थान अभियान के संयोजक अधिवक्ता महेंद्र जामुदा ने कहा कि अनुसूचित जिला होने के बाद भी सरकार की नाक के नीचे आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना सरकार की नाकामी को दर्शाता है. बैठक में झारखंड पुनरूत्थान अभियान के संयोजक कोलंबस हंसदा, नितिन जामुदा शामिल थे।
