जिला मुख्यालय सरायकेला में लोगों ने प्रभु की मत्स्य कच्छ अवतार का किया दर्शन, उपासना पूर्वक की विपद तारिणी की पूजा अर्चना


 सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) :  जिला मुख्यालय सरायकेला में रथयात्रा के अवसर पर स्थानीय थाना चौक के निकट स्थित गुंडिचा मंदिर (मौसीबाड़ी) में भक्त श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने यहां प्रभु की मत्स्य कच्छ अवतार का दर्शन की। बुधवार को प्रभु जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र, छोटी बहन सुभद्रा के साथ बाहुड़ा रथ में सवार होकर श्री मंदिर की ओर प्रस्थान करेंगे।

इससे पहले यहां गुंडिचा मंदिर में तड़के सुबह से भक्त श्रद्धालुओं का काफी भीड़ देखा गया। भक्त श्रद्धालुओं ने विपद तारिणी व्रत का पालन किया और उपासना पूर्वक पूजा अर्चना की।


मान्यता है कि प्रभु कालिया अपने बड़े भाई बलभद्र, छोटी बहन सुभद्रा के साथ मौसीबाड़ी निकले। पांचवे दिन श्री मंदिर नहीं पहुंचने पर माता लक्ष्मी नाराज हुई और रथ टूटी। इसके लिए रथयात्रा के पांचवी रोज हेरा पंचमी का रस्म निभाया गया। बाद में माता लक्ष्मी को गलती का एहसास हुआ। और माता लक्ष्मी पति और परिवार की रक्षा के लिए विपद तारिणी का स्मरण की। आज भी भक्त श्रद्धालु इस परंपरा को निभा रहे हैं। 

रथयात्रा व श्री जगन्नाथ के प्रति लोगों का आस्था है। गुंडीचा मंदिर के अलावे गांव-गांव में विपद तारिणी की पूजा-अर्चना हुई। लोगों ने परिवार की रक्षा व सुख समृद्धि हेतु विपद तारिणी व्रत का पालन किया। 


राजनगर प्रखंड के विक्रमपुर, डुमरडीहा, सरगछीड़ा, कोलाबाडीया में भी महिलाओं ने उपासना पूर्वक व्रत का पालन किया। आस्था भक्ति से परिपूर्ण इस रथयात्रा में बारिश के बावजूद लोगों में उल्लास कम नहीं हुई है। गुंडीचा देवी मंदिर परिसर में लगी रथ मेला का भी लोग आनंद उठाने में मशगूल दिखे। गुरुवार को प्रभु जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ श्री मंदिर पहुंचेंगे। प्रभू के स्वागत के लिए जगन्नाथ सेवा समिति के सदस्यगण तैयारी में हैं।

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