मंझारी के जलधार में पेयजल व बिजली बिल को लेकर ग्रामीणों की बैठक, जताया विरोध


चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : मंझारी प्रखंड अतंर्गत जलधार में पेयजल की समस्या व बिजली बिल को लेकर जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल की नेतृत्व में ग्रामीणों की बैठक हुई. बैठक में चिटीमिटी में डीएमएफटी फंड से बनाई गई पाइपलाइन जलापूर्ति योजना से गांव के लोगों को कनेक्शन नहीं दिया गया है. जिसके कारण ग्रामीणों को पेयजल की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. गांव में पेयजल के लिए हाहाकार मची है. वहीं गांव में पिछले 15 सालों का बिजली बिल एक साथ थमाये जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है. ग्रामीण बिल चुकाने में असमर्थतता जताई है. बैठक में बिजली बिल को लेकर जिप सदस्य माधव चंद्र कुंकल ने कहा कि सरकार मंत्रियों का बंगला बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर सकती है तो गरीबों का बिजली बिल माफ कर सकती है।

25 मई को जिला मुख्यालय का करेंगे घेराव

सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है. अफसर करोड़ों रुपये लूट कर होटवार जेल की शोभा बड़ा रहे हैं. ये सरकार गरीब विरोधी है. पेयजल समस्या व बिजली बिल लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध 25 मई को जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा. इस अवसर पर नागेंद्र कुमार पुरती, निर्मल पुरती, अनीता पुरती, दंपा सावैंया, शत्रुघ्न कुंकल, अर्जुन पुरती, सुभाष सावैंया आदि मौजूद थे.

पाइपलाइन बिछाया लेकिन कनेक्शन नहीं दिया गया

चिटीमिटी नदी में बनाया गए जलमीनार से गांव तक पाइपलाइन बिछाया गया, लेकिन कनेक्शन नहीं दिया गया जिसके कारण पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है.
युगल पुरती, ग्रामीण जलधार.

बिजली बिल माफ करे सरकार 

विश्वमोहन पुरती ग्रामीण गांव में बिजली विभाग 15 साल का बिजली बिल 25 हजार रुपये एकमुश्त मांग रही है जिसे दे पाना संभव नहीं है. सरकार बिल को माफ करे. हमलोगों के पास रोजगार भी नहीं है.
विश्वमोहन पुरती, ग्रामीण जलधार.

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