सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : वैशाख संक्रांत के अवसर पर राजनगर प्रखंड के बड़डीही, डुमुरडीहा में धार्मिक अनुष्ठान पूर्वक छऊ उत्सव आयोजित हुआ।
वर्षों से चली आ रही इस उत्सव को आज भी ग्रामीण धार्मिक अनुष्ठान पूर्वक मनाते हैं।
परंपरा का निर्वाह करते हुए ग्रामीणों ने शिव शक्ति को समर्पित यात्रा घट सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का रश्म निभाया। रात को बड़डीह गांव के शिव मंदिर परिसर में मंच सजी।
बड़डीह गांव के कलाकारों ने फूल बसंत, हर पार्वती सहित कई बेहतरीन नृत्य की प्रस्तुति की। रंगमंच में कलाकारों ने रात भर दर्शकों की समां बांधे रखा। गांव के जगदीश गोप ने कहा कि वर्षों से चली आ रही इस उत्सव को आज भी ग्रामीण धार्मिक अनुष्ठान पूर्वक मनाते हैं। गाँव में सरायकेला छऊ नृत्य कला आज भी जीवित है।
डुमुरडीहा शिव मंदिर परिसर में भी रंगमंच सजी
दुसरी ओर डुमुरडीहा शिव मंदिर परिसर में भी रंगमंच सजी। रात भर कलाकारों ने छऊ नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों की समा बांधे रखा। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने निताई गौर, हरि विष्णु सहित कई मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। चंद्रभगा, माटीर मानुस, सहित कई नृत्य देखने को मिला।
राम प्रसाद महतो ने मीडिया को बताया कि छऊ उत्सव धार्मिक अनुष्ठान पूर्वक वर्षों से डुमुरडीहा शिव मंदिर परिसर में आयोजित होती रही है। शिव शक्ति को समर्पित इस उत्सव में भक्ति उल्लास का माहौल रहा। छऊ नृत्य कला केंद्र विक्रमपुर, जागृति क्लब डुमुरडीहा, आदिवासी क्लब डुमुरडीहा, छऊ नृत्य कला केंद्र लखीपुर सहित विभिन्न छऊ मंडली ने रंगमंच में नृत्य प्रस्तुति की और रात भर दर्शकों की शमा बांधे रखा।
प्रशांत पति, श्रीकांत महतो, सूरज कैवर्त, गुरु चरण महतो, नरेश कैवर्त, राधा कृष्ण कैवर्त, पूर्ण चंद्र साहू, महादेव पति, छोटूराम महतो आदि कलाकरों ने भक्ति उल्लास पूर्वक छऊ उत्सव में सहभागिता निभाई।




