दो माह पूर्व इस परिवार पर डायन का आरोप लगा पूरे परिवार को जान से मारने की दी गई थी धमकी
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : नोआमुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत सारबिल गांव में दो माह पूर्व परिवार पर डायन का आरोप लगने के बाद एक पीड़ित परिवार गांव छोड़ दूसरे गांव में शरण ले रखा है। एसपी के निर्देश पर कुछ दिनों पूर्व नोआमुंडी थाना में दोनों पक्षों के बीच सुलहनामा होने के बाद भी यह परिवार इतना डरा हुआ है कि अभी तक अपना घर लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
डायन का आरोप लगने के बाद एक पीड़ित परिवार गांव छोड़ दूसरे गांव में शरण ले रखा है।
मंगलवार को इस परिवार का मुखिया दुगा लागुरी अपने रिश्तेदार के साथ चाईबासा आया था । कुछ समाजसेवियों द्वारा समझा-बुझाकर अपने गांव लौटने का भरोसा दिया है। तब उसने अपने अपनी बीबी तथा चार छोटे-छोटे बच्चों के साथ अपना गांव लौटने का मन बनाया है। उन्होंने बताया कि परिवार के साथ गांव लौटकर गांव के मुंडा तथा डाकुआ के पास जाकर घर पर लगे ताले को खोलवाएंगे। वहां की स्थिति से वाकिफ होने के बाद थाना प्रभारी को दूरभाष पर इसकी जानकारी देंगे।
पीड़ित परिवार
एसपी के निर्देश पर नोवामुंडी थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को थाना में बुलाकर समझौता कराया।
ज्ञात हो कि इस पीड़ित परिवार का मुखिया दुगा लागुरी तथा उनकी पत्नी सूर्यमणि लागुरी कुछ दिनों पूर्व अपने चार नाबालिग छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पुलिस अधीक्षक के दरबार में न्याय के लिए पहुंचा और आरोपियों के विरुद्ध लिखित रूप से शिकायत पत्र सौंपा था। एसपी के निर्देश पर नोवामुंडी थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को थाना में बुलाकर समझौता कराया। लेकिन यह पीड़ित परिवार अभी भी थाना में हुई समझौते पर भरोसा नहीं है।
पीड़ित परिवार द्वारा एसपी को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार दिनांक 08 मार्च 2023 बुधवार को ग्राम सारबिल के ग्रामीण सीताराम लागुरी की पत्नी शुरू कुई ओझा है। पति- सीताराम लागुरी ने डायन बिसाही के मामले को लेकर ग्रामीण मुंडा की अध्यक्षता में बैठक बुलाई थी । आरोपी सीताराम द्वारा बैठक के पहले दिन पीड़ित परिवार को बैठक में ही पीट-पीटकर हाथ पैर तोड़ देने की धमकी दी गई। जिस कारण यह पीड़ित परिवार इस बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में शुरू कुई, पति - सीताराम लागुरी द्वारा दुगा की पत्नी शुरू लागूरी को डायन बताया गया।
लोगों ने पीड़ित परिवार के घर आकर घर पर ताला लगा दिया।
दिनांक 09 मार्च 2023 को इन सभी लोगों ने पीड़ित परिवार के घर आकर घर पर ताला लगा दिया। जिस कारण तब से यह पीड़ित परिवार डर कर गांव छोड़ दूसरे गांव में शरण ले रखा है। उक्त लोगों द्वारा यह भी धमकी दिया गया कि यदि नोवामुण्डी थाना जाओगे, तो वहां हमारे आदमी इंतजार में है। जहां पायेंगे, वहीं तुम लोगों को जान से मार देंगे।



