चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : झारखंड में गिट्टी खदानों और बालू घाटों की नीलामी नहीं होने के कारण इसका सबसे बुरा प्रभाव सरकारी विकास योजनाओं पर पड़ रहा है । इसके बावजूद झारखंड सरकार और सरकारी तंत्र चुप्पी साधे हुए है । यह कहना है सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा का उन्होंने सोमवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में इस संबंध में एक बार फिर सरकार को पत्र लिखकर गिट्टी खदानों और बालू घाटों की नीलामी की मांग की है।
सांसद गीता कोड़ा ने कहा- 86 हजार पीएम आवास योजना का कार्य अधूरा
सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि आज के समय में झारखंड में लगभग 86 हजार प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य अधूरा है।
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इसके कारण केंद्र सरकार राज्य को नई योजनाएं नहीं दे रही है, और इसका सीधा नुकसान झारखंड के आम लोगों को हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विकास योजनाओं के लिए वित्तीय और बालू उपलब्ध हो सके और इसके लिए नीलामी की प्रक्रिया को पूर्ण करना जरूरी है।
सांसद श्रीमती कोड़ा ने कहा कि वह इस बारे में सरकार को पहले भी चिट्ठी लिख चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई।
आगे उन्होंने कहा कि जब तक पूर्व में दी गई योजनाएं पूरी नहीं होगी, तब तक नई योजनाएं मिलेगी नहीं और इसका सीधा नुकसान झारखंड के लाभुकों को होता दिखाई दे रहा है।
वहीं सभी प्रकार के निर्माण कार्यों में भी काफी परेशानी हो रही है। मौके पर जिला बीस सूत्री सदस्य त्रिशानु राय, जिला कांग्रेस प्रवक्ता जितेन्द्र नाथ ओझा, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैया, मुकेश दास आदि उपस्थित थे।
