जिले में तीन साल से डीएमएफटी की योजना में लुट का खेल जारी है, प्रशासन और सरकार इस लूट पर कोई भी करवाई नही किया गया है,

 ग्रामीण संवेदक संघ के द्वारा 11 परसेंट कमिशन वसूली करने की शिकायत जांच का आधार बनाकर जांच प्रक्रिया शुरू करने की करवाई की जा सकती है


चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : पश्चिमी सिंहभूम जिले में ग्रामीण संवेदक संघ के द्वारा 11 परसेंट कमिशन वसूली करने की शिकायत जांच का आधार बनाकर जांच प्रक्रिया शुरू करने की करवाई की जा सकती है।विगत तीन साल से डीएमएफटी की योजना में लुट का खेल जारी है, प्रशासन और सरकार इस लूट पर कोई भी करवाई नही किया गया है। इस पर भी जांच संस्थान के द्वारा उच्चाधिकारियों की नकारात्मक और करवाई नही करने की भी आधार बना सकती है।

                        सूत्रों के अनुसार जांच डीएमएफटी राशि की कमिशन का मामला राज्यपाल ने गंभीरता से लिया है,किसी भी समय केन्द्रीय संस्थान को जांच सौंपा जा सकता है। 

अब तक जिन संस्थानों और राजनीतिक पार्टी के द्वारा शिकायत की है, सभी शिकायत कर्ता भी इस जांच में शामिल होंगे। 

तीन साल में जेएमएम के जिला सचिव सोना राम देव गम, जदयू के जिला अध्यक्ष विश्राम मुंडा,आजसू जिलाध्यक्ष रामलाल मुंडा, पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा, झारखंड भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश प्रसाद ने लगातार जिला के विकास योजनाओं में कमिशन वसूली की शिकायत सरकार में बैठे पदाधिकारियों और जिला प्रशासन से करते रहें हैं।

पशुपालन घोटाला, खनन घोटाला और अब डीएमएफटी घोटाला.....

            मजदुर नेता जोन मीरन मुंडा ने भी डीएमएफटी फंड की योजनाओं में कमिशन वसूली के विरुद्ध धरना प्रदर्शन भी किए हैं। पश्चिमी सिंहभूम जिला एक समय पशुपालन घोटाला, खनन घोटाला को देखा है उसी तरह निकट समय में विकास घोटाला यानी डीएमएफटी घोटाला भी देखने को मिलेगा।

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