राज्य के कल्याण मंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट मांझी परगना भवन के लिए अब तम जमीन नही मिला,प्रशासन की उदासीनता से योजना अधर में लटका।


वित्तीय वर्ष समाप्त हो चुका है,इस वित्तीय वर्ष में भी मंत्री अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को शुरू करा पाने में सफल होंगें,यह प्रश्न चिन्ह है।


चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : सराईकेला खरसावां जिला प्रशासन की उदासीनता और लापरवाही का यह आलम है की एक साल पहले कल्याण विभाग के द्वारा कल्याण मंत्री श्री चंपाई सोरेन के विधान सभा के राजनगर प्रखण्ड में मांझी परगना भवन निर्माण कार्य और चहारदीवारी निर्माण कार्य का टेंडर की प्रक्रिया पूरा हुए तीन माह बीतने के बाद भी जमीन विवाद का मामला में संवेदक के द्वारा कार्य नही करा पा रहें हैं। ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुनील नाथ भी संवेदक को जमीन दिलाने में अब तक सफल नहीं हुए हैं, ऐसा लगता है की मंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को नजर लग गया है। कल्याण के आई टी डी ए निदेशक के द्वारा जिस जमीन के प्लॉट को चिन्हित किया गया है, उस में ग्रामीण का दखल है, साथ ही ग्रामीणों के द्वारा ग्राम सभा कर उक्त योजना को इस जमीन में नही बनाने दिए जाने का परस्तव भी पारित किया है, ऐसी स्थिति में संवेदक जमीन मिलने का इंतजार करने पर मजबूर है। संवेदक को यह भी चिंता सता रही है की मार्च में आवंटन लेप्स कर जायेगा, और फिर मई के अंतिम सप्ताह में आवंटन मिलेगा। यूं कहा जा सकता है कि विभाग और जिला की लापरवाही का खामियाजा संवेदक भुगत रहें हैं।

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