जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्रालय के तत्वाधान और टाटा फाउंडेशन के सहयोग से काशी साहू कॉलेज सरायकेला के परिसर में आयोजित किए गए एक दिवसीय मेगा स्वास्थ्य मेला अव्यवस्थाओं के भेंट चढ़ गया।
सरायकेला : जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्रालय के तत्वाधान और टाटा फाउंडेशन के सहयोग से काशी साहू कॉलेज सरायकेला के परिसर में आयोजित किए गए एक दिवसीय मेगा स्वास्थ्य मेला अव्यवस्थाओं के भेंट चढ़ गया। जहां रविवार की सुबह से ही दूरदराज के गांव से ग्रामीणों को जिला प्रशासन द्वारा मेगा स्वास्थ्य मेला तक पहुंचाने का काम किया गया।
जिसमें स्वास्थ्य मेला का लाभ लेने पहुंचे ग्रामीण काउंटर दर काउंटर चक्कर लगाते हुए देखे गए। जहां लंबी कतार के साथ निबंधन कराने के पश्चात आयुष्मान कार्ड के लिए मशक्कत कराया गया। इसके बाद ही लोग इलाज के लिए चिकित्सक के काउंटर तक पहुंच पाए।
दिन के लगभग 2:00 बजे तक स्वास्थ्य मेला में चली गहमागहमी के बाद स्वास्थ्य मेला में पहुंचे लोग अपने घर वापस लौटने की तैयारी करते हुए देखे गए। जिसमें कईयों को घर वापस लौटने के लिए वाहन की तलाश को लेकर हैरान-परेशान दिखा गया। इसके साथ ही सारे दावों पर भारी दिन के 2:00 बजे के बाद मेगा स्वास्थ्य मेला में लगे दर्जनों काउंटर पर इलाज कराने वालों से अधिक की संख्या में इलाज करने वाले और कर्मी ही नजर आए।
बाइट : अर्जुन मुंडा, केंद्रीय मंत्री भारत सरकार
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Saraikela kharsawan




अर्जुन मुंडा और चंपई सोरेन (कौआ) एक केंद्र का और दुसरा राज्य का जन जातिय मामले का मंत्री तिसरा जिला प्रसाशन चौथा टाटा फांउंडेशन सब एक से बढ कर एक महान मंचों का जमवाडा भोले भाले आदिबासीयों को छल कर सिर्फ आयोजन स्थल तक भीड जमा करने का जिम्मा जिला प्रशासन इन तीनों महारथीयों का मात्र आदेश पालक कहें या इनका सुरक्षा प्रहरी भी कह सकते हैं।
ReplyDeleteइनका आदेश जिला प्रसाशन को निर्देशित था की टाटा फांउंडेशन एक मेगा स्वस्थय जांच शिबिर कंपनी शोशल रिसपोंसबलिटी के तहत जांच करने का आयोजन करे और दुर दराज के गांब से भोल भाले आदिबासियों को इकटठ्ठा करें जिससे यह संदेष जाय की सरकार आदिबासियों के लिऐ वहुत संबेदनशील है। लेकिन तो यह कहाबत चरितार्थ करनी हघ की दिखाने के दांत कुछ हैं और खाने के कुछ और है।
इनको किसी के स्वास्थय सै कोई मतलब नहीं है।