चंद्रमोहन तिउ के बयान पर झामुमो का पलटवार, खनिज संपदा से जुड़े सवालों पर भाजपा पहले केंद्र की जवाबदेही बताए : मुन्ना सुंडी

चंद्रमोहन तिउ के बयान पर झामुमो का पलटवार, खनिज संपदा से जुड़े सवालों पर भाजपा पहले केंद्र की जवाबदेही बताए : मुन्ना सुंडी

संतोष वर्मा

चाईबासा : एमएमडीआर संशोधन को लेकर भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष चंद्रमोहन तिउ द्वारा झामुमो पर लगाए गए आरोपों पर झामुमो जिला सदस्य मुन्ना सुंडी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता पहले तथ्यों को समझें और जनता को गुमराह करने के बजाय यह बताएं कि केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर कानून में किए गए संशोधन से झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। मुन्ना सुंडी ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम देश के सबसे समृद्ध खनिज क्षेत्रों में शामिल है, लेकिन यहां के आदिवासी और मूलवासी वर्षों से विस्थापन, प्रदूषण, बेरोजगारी और मूलभूत सुविधाओं की कमी की मार झेल रहे हैं। इसका समाधान केवल राज्य सरकार पर आरोप लगाने से नहीं होगा। भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि खनिज संपदा से होने वाले लाभ में स्थानीय लोगों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता आठ वर्षों का हिसाब मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि खनिज संपदा, वन अधिकार, पर्यावरण और आदिवासी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण अधिकार केंद्र और राज्य—दोनों सरकारों की नीतियों से प्रभावित होते हैं। ऐसे में केवल झामुमो को कठघरे में खड़ा करना भाजपा की जवाबदेही से बचने की कोशिश है।

मुन्ना सुंडी ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में आदिवासियों की हितैषी है तो वह स्पष्ट करे कि केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर कानून में किए गए संशोधनों से झारखंड को मिलने वाले खनिज राजस्व, स्थानीय रोजगार, खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और राज्य के अधिकारों पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि खनिज संपदा से सबसे अधिक लाभ किसे मिल रहा है और खनन प्रभावित ग्रामीणों को उसका वास्तविक लाभ क्यों नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने चंद्रमोहन तिउ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पश्चिमी सिंहभूम की जनता को लाल पानी, प्रदूषण, बेरोजगारी और विस्थापन की समस्या का दर्द पता है। झामुमो इन मुद्दों पर लगातार जनता के साथ खड़ा है और खनिज संपदा पर स्थानीय लोगों के अधिकार तथा राज्य के हितों की लड़ाई लड़ रहा है। मुन्ना सुंडी ने कहा,“भाजपा नेताओं को झामुमो से हिसाब मांगने से पहले केंद्र सरकार से पूछना चाहिए कि झारखंड की खनिज संपदा पर यहां के लोगों का अधिकार कैसे सुरक्षित होगा। सत्ता की राजनीति और बयानबाजी से आदिवासियों का विकास नहीं होगा। झामुमो जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ता रहेगा।”

उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे जितनी कोशिश कर ले, एमएमडीआर संशोधन के वास्तविक प्रभाव से जनता का ध्यान नहीं भटका सकती। झारखंड की खनिज संपदा झारखंड के हित में रहे, यही झामुमो का स्पष्ट संकल्प है।

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