हूल दिवस पर महिला कॉलेज चाईबासा में श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित

हूल दिवस पर महिला कॉलेज चाईबासा में श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित


संतोष वर्मा

Chaibasaःमहिला कॉलेज चाईबासा के प्रांगण में हूल दिवस के अवसर पर असेका समूह के सहयोग से श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संथाल हूल (1855) के महानायक वीर शहीद सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव एवं फूलो-झानो के साहस, संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एनएसएस बी.एड. यूनिट की पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन ने कहा कि हूल दिवस केवल एक ऐतिहासिक घटना का स्मरण नहीं है, बल्कि यह अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, स्वाभिमान और जनएकता की प्रेरणा देता है। वीर शहीदों का बलिदान हमें अपनी संस्कृति, अधिकारों और मूल्यों की रक्षा के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने इतिहास एवं स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समुदायों के योगदान को समझना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन महान नायकों के संघर्ष और योगदान से प्रेरणा ले सकें।डॉ. सुचिता बाड़ा ने हूल दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से वीर सिद्धू-कान्हू के जीवन एवं संघर्ष से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।इस अवसर पर धनंजय कुमार ने हूल के अर्थ एवं इस दिवस को मनाने के उद्देश्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी।असेका की ओर से इस कार्यक्रम में सीताराम सोरेन, बलराम मुर्मू, किशुन मुर्मू, चंद्राय मुर्मू, बुंडा मुर्मू सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में छात्राओं एवं शिक्षकों ने वीर शहीदों को नमन करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

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